{"product_id":"सपनों-का-बाज़ार-भारत-में-उस-चीज़-का-व्यापार-जो-अस्तित्व-में-है-ही-नहीं","title":"सपनों का बाज़ार: भारत में उस चीज़ का व्यापार, जो अस्तित्व में है ही नहीं","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cstrong\u003eजिस देश में UPI से रिकॉर्ड भुगतान होते हैं, वहीं करोड़ों रुपये कुंडली, कोचिंग के विज्ञापनों और रातों-रात अमीर बनाने वाले ऐप्स पर क्यों ख़र्च होते हैं?\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cem\u003eसपनों का बाज़ार\u003c\/em\u003e भारत के उस बाज़ार की आँकड़ों पर आधारित पड़ताल है जो वादे बेचता है: ऐसी चीज़ें जिनके लिए लोग असली पैसा देते हैं, पर जिन्हें न तौला जा सकता है, न परखा जा सकता है और न लौटाया जा सकता है। पुस्तक का केंद्रीय तर्क सीधा है: \u003cstrong\u003eव्यापार असली है, वादा काल्पनिक।\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cstrong\u003eइस 25 पृष्ठ की पुस्तक में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul dir=\"ltr\"\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eडिग्री का सपना:\u003c\/strong\u003e शिक्षा बढ़ने के बावजूद युवा बेरोज़गारी क्यों बढ़ रही है\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eभाग्य की दुकान:\u003c\/strong\u003e ज्योतिष कैसे तेज़ी से बढ़ता ऑनलाइन कारोबार बना\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eआशीर्वाद का अर्थशास्त्र:\u003c\/strong\u003e महाकुंभ के आँकड़े क्या बताते हैं और क्या नहीं\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eएक रात में अमीर:\u003c\/strong\u003e 2025 के ऑनलाइन गेमिंग प्रतिबंध के पीछे का तर्क\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eग़रीबी और सपनों का रिश्ता:\u003c\/strong\u003e ग़रीब मूर्ख नहीं हैं, और सपना कारण नहीं, लक्षण है\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\u003cstrong\u003eअसली और काल्पनिक बाज़ार में फ़र्क़ करने की चार प्रश्नों की कसौटी\u003c\/strong\u003e\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cstrong\u003eसपनों से यथार्थ तक:\u003c\/strong\u003e नीति और पाठक, दोनों के लिए छह व्यावहारिक सुझाव\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cstrong\u003eयह पुस्तक किनके लिए है\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003eविद्यार्थी और अभिभावक, कामकाजी पेशेवर, अर्थशास्त्र और नीति में रुचि रखने वाले पाठक, और वे सभी जो किसी वादे के लिए पैसा देने से पहले बेहतर सवाल पूछना चाहते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp dir=\"ltr\"\u003e\u003cstrong\u003eपुस्तक का विवरण\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003eप्रारूप: PDF (डिजिटल डाउनलोड) | पृष्ठ: 25 | भाषा: हिंदी | लेखक: गोपाल एम\u003c\/p\u003e","brand":"GM-Shoppingmart","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49794533490926,"sku":null,"price":199.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0813\/2054\/2446\/files\/Cover_Hindi.png?v=1792275751","url":"https:\/\/gm-shoppingmart.com\/products\/%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%b8-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82","provider":"GM-Shoppingmart","version":"1.0","type":"link"}